अवसरः 21391 पदों के लिए परीक्षा छह चरणों में बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा 7 से 28 तक

अवसरः 21391 पदों के लिए परीक्षा छह चरणों में बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा 7 से 28 तक


पटना । बिहार पुलिस में सिपाही के 21 हजार 391 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा छह चरणों में ली जाएगी। दस माह पहले रद्द की गई यह परीक्षा सात से 28 अगस्त के बीच छह चरणों में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों के 545 केंद्रों पर परीक्षा होगी। इस भर्ती के लिए 17 लाख 87 हजार 720 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

परीक्षा हर दिन एक ही पाली में दोपहर 12 से दो बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में साढ़े नौ से प्रवेश मिलेगा। साढ़े दस बजे प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। ई-प्रवेशपत्र और उनके पहचान के साथ ही प्रवेश की अनुमति होगी।

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सात, 11, 18, 21, 25 और 28 अगस्त को परीक्षा होगी। हर दिन ढाई से तीन लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सात अगस्त को जिनकी परीक्षा है, उनका एडमिट कार्ड वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।

सभी जिला मुख्यालयों में 545 केंद्र बनाये गये

1787720 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में

शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया

बिहार पुलिस
पेन-पेंसिल भी साथ नहीं लाना है

पर्षद के अध्यक्ष ने कहा कि अभ्यर्थियों को अपने साथ पेन-पेंसिल आदि लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करना है। परीक्षा कक्ष में ही पेन और पेंसिल भी दिये जाएंगे। अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर दिये गये पेन का उपयोग ही अभ्यर्थियों को करना है। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में होगी। इसका लाइव पटना मुख्यालय में भी देखा जाएगा। साथ ही हर अभ्यर्थी का दोनों हाथों के अंगूठे का निशान भी बायोमिट्रिक मशीन से लिया जाएगा। शारीरिक जांच के दौरान फिर से अभ्यर्थियों के अंगूठे का मिलान किया जाएगा। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका परीक्षा कक्ष में ही जमा करनी होगी।


हर चरण की परीक्षा के एक सप्ताह पहले से अभ्यर्थी अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे । किस अभ्यर्थी की किस जिले में किस दिन परीक्षा है, इसकी जानकारी पहले ही दे दी गयी है। गौरतलब हो कि सिपाही भर्ती परीक्षा अक्टूबर, 2023 में ही ली गयी थी, जिसे रद्द कर दिया गया था। कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए सभी डीएम को

समन्वयन और एसपी को सहायक समन्वयक बनाया गया है। अध्यक्ष ने अपील की है कि अभ्यर्थी सोशल मीडिया की किसी भी सूचना अथवा किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। हाल ही में विधानमंडल से एक विधेयक पारित हुआ है। इसमें प्रश्नपत्र लीक आदि कार्य में दस वर्ष जेल और एक करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है।

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