नीट में केवल बिहार-झारखंड के केंद्रों पर गड़बड़ी: सुप्रीम कोर्ट NEET EXAM 2024

नीट में केवल बिहार-झारखंड के केंद्रों पर गड़बड़ी: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली,। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि नीट- यूजी 2024 को रद्द नहीं किया क्योंकि इसकी शुचिता में कोई प्रणालीगत चूक नहीं पाई गई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सिर्फ बिहार और झारखंड के केंद्रों पर गड़बड़ी हुई। कोर्ट ने कहा, सीबीआई जांच से पता चलता है कि हजारीबाग और पटना में इस स्तर पर कितने छात्र इस गड़बड़ी का लाभ उठा रहे थे। इससे हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि गड़बड़ी या धोखाधड़ी के लाभार्थियों को ईमानदार छात्रों से अलग करना संभव है। इस मामले में, अदालत दोबारा परीक्षा कराने का निर्देश नहीं दे सकती।
प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में केंद्र द्वारा नियुक्त समिति के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया और परीक्षा सुधार को लेकर सिफारिश देने को कहा। समिति को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की समीक्षा करने के लिए गठित किया गया था, जो नीट-यूज
आयोजित करती है। प्रधान न्यायाधीश ने 63 पृष्ठ के विस्तृत आदेश में एनटीए के रवैये की

हमने नीट-यूजी परीक्षा रद्द नहीं की क्योंकि इसमें शुचिता का उल्लंघन नहीं पाया गया: शीर्ष अदालत केंद से गठित समिति के कार्यक्षेत्र का विस्तार किया, परीक्षा सुधार पर सिफारिश देने का आदेश आलोचना की।

पीठ ने कहा कि चूंकि समिति का कार्यक्षेत्र बढ़ा दिया गया है, इसलिए समिति परीक्षा प्रणाली में खामियों को दूर करने के विभिन्न उपायों पर 30 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। पीठ ने 23 जुलाई को सुनाए गए आदेश के विस्तृत कारणों में कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को अपना ढुलमुल रवैया बंद करना चाहिए क्योकि यह छात्रों के हित में नहीं है।
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